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FAQs
 
अधिनियम के अंतर्गत आयोग को कौन-कौन से कार्य सपुर्द किए गए हैं ?
कौन सी शक्तियां आयोग को प्राप्त हैं ?
आयोग द्वारा किस प्रकार की शिकायतों को शामिल किया जाता है ?
आयोग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट/सिफारिशों पर केंद्र /राज्य सरकारों का क्या उत्तरदायित्व है?
आयोग का संघटन क्या है ?

 

 

 

 

 

 

अधिनियम के अंतर्गत आयोग को कौन-कौन से कार्य सपुर्द किए गए हैं ?

आयोग द्वारा किए जाने वाले कार्य निम्नलिखित हैं -

  1. केंद्र एवं राज्यों के अंतर्गत अल्पसंख्यकों के विकास की प्रगति का मूल्याकंन करना ।
  2. संसद तथा राज्य विधान-मंडलों द्वारा संविधान में अधिनियमित विधियों में उपबंधित राक्षोपायों के कार्य को मॉनीटर करना ।
  3. केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा अल्पसंख्यकों के हितों की संरक्षा के लिए राक्षोपायों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु सिफारिशें करना ।
  4. अल्पसंख्यकों को उनके अधिकारों एवं राक्षापायों से वंचित करने के बारे में विनिर्दिष्ट शिकायतों को देखना तथा ऐसे मामलों को समुचित प्राधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना ।
  5. अल्पसंख्यकों के विरूद्ध तथा किसी विभेद के कारण उद्धत समस्याओं का अध्ययन कराना तथा उनको दूर करने हेतु समुचित उपायों की सिफारिशें करना ।
  6. अल्पसंख्यकों के शैक्षिक विकास तथा समाजिक एवं आर्थिक संबंधी मुद्दों का विशलेषण, शोध तथा अध्ययन करना ।
  7. केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा किसी अल्पसंख्यक के संबंध में किए जाने वाले समुचित उपायों का सुझाव देना ।
  8. केंद्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के मामलों एवं समस्याओं से संबंधित विषयों पर मुख्य रिपोर्ट या पत्रिका तैयार करना ।
  9. कोई अन्य मामला जो कि केंद्र सरकार द्वारा सुझाया गया हो ।

कौन सी शक्तियां आयोग को प्राप्त हैं ?

आयोग को किसी बात का विचरण करने हेतु सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां प्राप्त हैं –

  1. भारत के किसी भी भाग से किसी व्यक्ति को समन जारी करना, हाजिर करना तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करना ।
  2. किसी दस्तावेज को प्रकट और पेश करने की अपेक्षा करना, शपथपत्रों पर साक्ष्य ग्रहण करना । .
  3. receiving evidence on affidavit.
  4. किसी न्यायालय या कार्यालय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रतिलिपि की अपेक्षा करना ।
  5. साक्षियों और दस्तावेजों की परीक्षा के लिए कमीशन निकालना ।
  6. निर्धारित किया गया कोई अन्य मामला ।

साक्षियों और दस्तावेजों की परीक्षा के लिए कमीशन निकालना ।

निम्नलिखित शिकायतों को आयोग में शामिल नहीं किया जाता –

  1. जो अल्पसंख्यकों के स्तर/अधिकार/ राक्षापायों से संबंधित न हों ।
  2. जो न्यायाधीन हों (न्यायालय/न्यायिक में लंबित)
  3. जो अभ्यावेदन बिना किसी उचित कारण के साधारणतः न्यायिक/कल्प न्यायिक/ प्रशासनिक उपायों से संबंधित हों ।
  4. जो मामला एक वर्ष या उससे ज्यादा पूराना हो ।
  5. जो अस्पष्ट, अज्ञात, मिथ्या तथा अमहत्वपूर्ण हो ।
  6. जो शिकायत आयोग को सिधे न होकर किसी अन्य प्राधिकारी के नाम पर हो ।

आयोग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट/सिफारिशों पर केंद्र /राज्य सरकारों का क्या उत्तरदायित्व है?

केंद्र सरकार आयोग की सिफारिशों को संसद में रखने से पूर्व एक ज्ञापन निकालती है जिसमें की गई कार्यवाईयों का विवरण तथा संघ की सिफारिशों को प्रस्तावित किया जाता है तथा जिन सिफारिशों को स्वीकृत नहीं किया जाता उनका कारण बताया जाता है ।

यदि ऐसी कोई सिफारिश है जिसका संबंध राज्य सरकार से हैं तो उसे आयोग राज्य सरकार को अग्रेषित कर देता है, राज्य सरकार विधानसभा में सिफारिशों को प्रस्तुत करने से पूर्व एक ज्ञापन निकालती है जिसमें की गई कार्यवाईयों का विवरण तथा संघ की सिफारिशों को प्रस्तावित किया जाता है तथा जिन सिफारिशों को स्वीकृत नहीं किया जाता उनका कारण बताया जाता है ।


आयोग का संघटन क्या है ?

  1. अध्यक्ष (रिक्त)
  2. उपाध्यक्ष (रिक्त)
  3. डॉ 0 अजायब सिंह, सदस्य
  4. श्री छिरिंग नमगयाल शानु, सदस्य
  5. प्रो. फरीदा अब्दुल्ला खान, सदस्य
  6. सुश्री माबेल रिबेलो, सदस्य
  7. श्री प्रवीण डावर, सदस्य

 
 

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक
आयोग

5 वीं मंजिल, लोकनायक भवन,
खान मार्केट, नई दिल्ली
Tel: 24615583
Fax: 24693302, 24642645, 24698410
Toll Free Number: 1800 110 088
E-mail: ro-ncm@nic.in

 

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